बिलासपुर/कोरबा।सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गेवरा प्रोजेक्ट के वर्ष 2006 बैच के पूर्व छात्र-छात्राओं का भव्य एवं भावनात्मक एलुमिनाई गेट-टुगेदर बिलासपुर स्थित द रॉयल होटल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 20 वर्षों बाद एक मंच पर एकत्रित हुए सहपाठियों ने अपने छात्र जीवन की सुनहरी यादों को ताजा किया तथा मित्रता और आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

इस ऐतिहासिक मिलन समारोह की परिकल्पना से लेकर सफल आयोजन तक पूर्व छात्र ओम केवट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों एवं शहरों में कार्यरत अपने सहपाठियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें इस आयोजन से जोड़ने का कार्य किया।

उनके अथक प्रयासों और समर्पण के परिणामस्वरूप अनेक साथी अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर इस भावनात्मक अवसर के सहभागी बने। उपस्थित सभी पूर्व विद्यार्थियों ने आयोजन की सफलता का श्रेय ओम केवट के नेतृत्व एवं मित्रों के प्रति उनके समर्पण को दिया।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे पूर्व छात्र रहे उपस्थितसमारोह में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों एवं विभागों में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें प्रमुख रूप से पंकज राठौर (इंजीनियर, रेलवे विभाग), यतीश शर्मा (मंत्रालय, नई दिल्ली), धनेश्वर उरांव (प्रोफेसर, गर्ल्स पॉलीटेक्निक), पंकज सिंह (विद्युत विभाग, कोलकाता), मनीष सिंह राजपूत (प्राचार्य, निजी विद्यालय) तथा गोविंद यादव (एसईसीएल गेवरा) सहित अनेक साथी शामिल रहे।
पूर्व छात्राओं की प्रेरणादायी उपस्थिति बनी आकर्षण का केंद्रकार्यक्रम में विद्यालय की पूर्व छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें मीनाक्षी साहू (डिप्टी डायरेक्टर, खनन विभाग), स्वाति मिश्रा (राज्य सूचना आयोग), जया कुर्रे (एसोसिएट प्रोफेसर, रांची मानसिक चिकित्सालय), मयंका सिंह (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट), ममता देहारी (सुप्रसिद्ध गायिका), उमा राठौर, प्रियंका सिंह (एसईसीएल गेवरा), पदमा देवांगन एवं सुभद्रा जगत (शासकीय शिक्षिका) विशेष रूप से उपस्थित रहीं।यादों के झरोखे से निकले भावुक पलदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालयीन जीवन की यादें, शरारतें और वर्तमान उपलब्धियां साझा कीं। इस दौरान कई अवसरों पर माहौल भावुक भी हो गया।
आयोजन समिति के सदस्य ज्योति साहू, दीपक पराशर, बालेन्द्र, प्रतिमा राठौर, संगीता साहू एवं राकेश साहू ने बताया कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक मिलन समारोह नहीं था, बल्कि विद्यालय से प्राप्त संस्कारों, आपसी विश्वास और अपनत्व का जीवंत उत्सव था।कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी पूर्व छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा भविष्य में नियमित रूप से मिलते रहने का संकल्प लिया। साथ ही समाज कल्याण एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सामूहिक योगदान देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।— जारीकर्ताएलुमिनाई गेट-टुगेदर समितिसरस्वती शिशु मंदिर गेवरा, बैच 2006
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

