कोरबा, 13 जून 2026
दीपका-हरदीबाजार बाईपास मार्ग इन दिनों आम जनता के लिए राहत का रास्ता नहीं, बल्कि रोज़ की परीक्षा बन चुका है। कोयला परिवहन में लगे भारी ट्रेलर वाहनों ने सड़क को मानो अपनी निजी पार्किंग बना लिया है। सड़क किनारे ही नहीं, बल्कि मुख्य मार्ग पर भी बेतरतीब खड़े इन ट्रेलरों की वजह से हर दिन लंबा जाम लग रहा है और जनता घंटों तक सड़क पर फँसने को मजबूर है।यह वही दीपका क्षेत्र है जहाँ से रोज़ हजारों मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक अपने कामकाज के लिए गुजरते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि जब सड़क जनता के लिए बनी है, तो आखिर इसे ट्रेलर माफिया के हवाले किसने कर दिया?सुबह और शाम के व्यस्त समय में हालात और भयावह हो जाते हैं। भारी वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और बाकी बचे हिस्से में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर निकलते हैं।
सबसे ज्यादा खतरा दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों को है।रात के समय मोड़ों के आसपास खड़े ट्रेलर किसी “मौत के जाल” से कम नहीं। दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
सवाल यह है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है?स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। लंबे समय से ट्रेलर सड़क पर खड़े हो रहे हैं, जाम लग रहा है, खतरे बढ़ रहे हैं — लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर संरक्षण किसे मिल रहा है?जब जनता जाम में तड़पती है और व्यवस्था खामोश रहती है, तब सवाल उठाना ही पत्रकारिता का धर्म बन जाता है।
क्षेत्रवासियों की मांग साफ है —
✔ भारी वाहनों के लिए अलग पार्किंग यार्ड बने
✔ मुख्य मार्ग पर अवैध पार्किंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
✔ पीक ऑवर्स में भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगे
क्योंकि यदि व्यवस्था समय रहते नहीं जागी, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।— उदय चौधरीपत्रकार |
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

