बिलासपुर, 28 अप्रैल 2026
South Eastern Coalfields Limited (एसईसीएल) की सरायपाली परियोजना में ठेकेदारों द्वारा मजदूरों, ड्राइवरों और ऑपरेटरों के कथित शोषण, वेतन कटौती, ओवरटाइम भुगतान में अनियमितता और उत्पीड़न के खिलाफ Chhattisgarhiya Kranti Sena ने जोरदार प्रदर्शन किया।
संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों ने बिलासपुर स्थित एसईसीएल के सीएमडी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी से परिसर गूंज उठा। इससे पहले 20 अप्रैल को श्रमिकों ने ज्ञापन सौंपकर 28 अप्रैल तक कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
मांगों पर कार्रवाई न होने के कारण 28 अप्रैल को हड़ताल और घेराव किया गया। प्रबंधन के साथ लंबी वार्ता के बाद एसईसीएल ने सभी मांगों को 7 दिनों के भीतर निराकरण करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई।





मुख्य मांगें:
एचपीसी दर के अनुसार पूर्ण वेतन भुगतान
ड्यूटी वेतन एवं ओवरटाइम का पूरा भुगतान
मासिक वेतन पर्ची जारी करना अनिवार्य
सभी श्रमिकों को नियुक्ति प्रमाण पत्र देना
स्थानीय छत्तीसगढ़िया युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता
बिना कारण हटाए गए मजदूरों-ड्राइवरों की पुनर्बहाली
ठेकेदारों की गुंडागर्दी एवं उत्पीड़न पर रोक और दोषियों पर कार्रवाई
नेताओं के बयान:
प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल ने कहा कि संगठन हमेशा स्थानीय मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा और शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संरक्षक रामगुलाम ठाकुर ने स्थानीय युवाओं को उनका हक देने और ठेकेदारों की मनमानी रोकने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र साहू ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस दौरान प्रदेश प्रभारी मोनी क. कठोतरे, जिला संयोजक अतुल दास महंत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं श्रमिकों ने शांतिपूर्ण समाधान की अपील करते हुए प्रबंधन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

