जांजगीर-चांपा/रायपुर, 15 अप्रैल।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर/स्टीम विस्फोट ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
भारतीय जनाधिकार पार्टी के संयोजक एवं अध्यक्ष दीपक दुबे ने इस घटना को “कॉर्पोरेट आपराधिक लापरवाही” करार देते हुए चेयरमैन सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
बिना सुरक्षा परीक्षण के चालू हुआ प्लांट?
दीपक दुबे के अनुसार, यह परियोजना लगभग 9 वर्षों तक बंद रहने के बाद बिना समुचित तकनीकी मूल्यांकन, संरचनात्मक परीक्षण और सुरक्षा ऑडिट के जल्दबाजी में पुनः शुरू की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण नहीं दिया गया, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।
विस्फोट के समय नहीं थी चेतावनी व्यवस्था
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उच्च दबाव और तकनीकी खराबी के कारण यह विस्फोट हुआ। अत्यधिक गर्म भाप के फैलने से श्रमिक झुलस गए।
घटना के समय न तो प्रभावी चेतावनी प्रणाली मौजूद थी और न ही सुरक्षित निकासी की पर्याप्त व्यवस्था।
पर्यावरणीय नियमों पर भी उठे सवाल
दुबे ने दावा किया कि परियोजना वर्ष 2016 तक केवल 60% ही पूर्ण थी और वित्तीय संकट के चलते बंद हो गई थी। बाद में इसे अधिग्रहित कर पुनः शुरू किया गया, जबकि सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया।
उन्होंने “Public Hearing” से छूट, पुराने पर्यावरणीय क्लियरेंस और PM2.5 डेटा में त्रुटियों को गंभीर लापरवाही बताया।
SIT जांच और प्लांट सील करने की मांग
दुबे ने मांग की है कि:
स्वतंत्र SIT से समयबद्ध जांच कराई जाए
प्लांट को तत्काल सील किया जाए
सभी तकनीकी दस्तावेज, CCTV और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए जाएं
मुआवजे पर भी विवाद
उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹50 लाख और घायलों को ₹15 लाख मुआवजा देने की मांग की है।
दुबे ने कहा कि Godawari Power & Ispat हादसे में पीड़ितों को ₹47 लाख मुआवजा दिया गया था, जबकि यहां प्रस्तावित ₹35 लाख पर्याप्त नहीं है।
7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर FIR, गिरफ्तारी और उचित मुआवजा सुनिश्चित नहीं किया गया, तो मामला उच्च न्यायालय, मानवाधिकार आयोग और हरित अधिकरण में ले जाया जाएगा तथा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

