कोरबा, 16 मई 2026
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकार उदय चौधरी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर परिवार पर हुए कथित हमले, निष्पक्ष जांच, चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) एवं सुरक्षा की मांग की है।
उदय चौधरी का कहना है कि उन्होंने हाल ही में नगर पालिका दीपका से संबंधित कथित अनियमितताओं, भवन एवं मंदिर तोड़ने संबंधी नोटिसों तथा भूमि की वैधानिक स्थिति को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। शिकायत के अनुसार संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति विवादित बताई जा रही है तथा इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
पुलिस अधीक्षक कोरबा क़ो दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है की नगर पालिका अध्यक्ष दीपका राजेंद्र राजपूत, वार्ड क्रमांक 11 के वार्ड पार्षद अविनाश सिंह राजपूत, वार्ड पार्षद के भाई अभिषेक सिंह राजपूत, दीपका थाना ASI जितेश सिंह राजपूत एवं फर्जी पत्रकार सुशील तिवारी का नाम स्थानीय शिकायतों एवं चर्चाओं में सामने आने की बात कही गई है।
उदय चौधरी ने आरोप लगाया है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद उनकी अनुपस्थिति में उनके परिवार के साथ मारपीट, धमकी एवं ईंट-पत्थर से हमला करवाया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के दौरान सार्वजनिक रूप से “टोनही” कहकर अपमानित किए जाने की बात सामने आई है तथा घटना से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
हाल ही में किसी व्यक्ति द्वारा नगर पालिका दीपका द्वारा अवैध कब्जे का नोटिस जारी कर घर तोड़े जाने क़ो लेकर ब्लेकमेल किया गया था जिसकी शिकायत कोरबा जिला कलेक्टर से की गई थी। ऐसी जानकारी मिली है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद भी पत्नी एवं बच्चों का समय पर चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) नहीं कराया गया, जबकि दूसरे पक्ष के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जानकारी प्राप्त हुई है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मामले को गंभीर आपराधिक घटना के बजाय आपसी विवाद के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उदय चौधरी ने यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में भी जनहित से जुड़े विषय उठाने पर उन पर हमले हो चुके हैं, जिनकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। एक पूर्व मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
आवेदन में निम्न प्रमुख मांगें की गई हैं —
1. पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच।
2. पीड़ित परिवार का तत्काल एमएलसी।
3. उपलब्ध वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई।
4. परिवार को सुरक्षा प्रदान किया जाना।
5. जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी या एजेंसी से कराना।
उदय चौधरी ने कहा कि वे AC मैकेनिक का कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और सामाजिक दायित्व के तहत स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनहित के मुद्दे उठाने पर पत्रकार और उसका परिवार सुरक्षित नहीं रहेगा, तो लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे।
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि संगठन पत्रकार सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है।
मामले की शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, राज्यपाल एवं IG बिलासपुर सहित विभिन्न उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
पुलिस अधीक्षक कोरबा क़ो दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है की नगर पालिका अध्यक्ष दीपका राजेंद्र राजपूत, वार्ड क्रमांक 11 के वार्ड पार्षद अविनाश सिंह राजपूत, वार्ड पार्षद के भाई अभिषेक सिंह राजपूत, दीपका थाना ASI जितेश सिंह राजपूत एवं फर्जी पत्रकार सुशील तिवारी का नाम स्थानीय शिकायतों एवं चर्चाओं में सामने आने की बात कही गई है।
उदय चौधरी ने आरोप लगाया है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद उनकी अनुपस्थिति में उनके परिवार के साथ मारपीट, धमकी एवं ईंट-पत्थर से हमला करवाया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के दौरान सार्वजनिक रूप से “टोनही” कहकर अपमानित किए जाने की बात सामने आई है तथा घटना से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
हाल ही में किसी व्यक्ति द्वारा नगर पालिका दीपका द्वारा अवैध कब्जे का नोटिस जारी कर घर तोड़े जाने क़ो लेकर ब्लेकमेल किया गया था जिसकी शिकायत कोरबा जिला कलेक्टर से की गई थी। ऐसी जानकारी मिली है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद भी पत्नी एवं बच्चों का समय पर चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) नहीं कराया गया, जबकि दूसरे पक्ष के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जानकारी प्राप्त हुई है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मामले को गंभीर आपराधिक घटना के बजाय आपसी विवाद के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उदय चौधरी ने यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में भी जनहित से जुड़े विषय उठाने पर उन पर हमले हो चुके हैं, जिनकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। एक पूर्व मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
आवेदन में निम्न प्रमुख मांगें की गई हैं —
1. पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच।
2. पीड़ित परिवार का तत्काल एमएलसी।
3. उपलब्ध वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई।
4. परिवार को सुरक्षा प्रदान किया जाना।
5. जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी या एजेंसी से कराना।
उदय चौधरी ने कहा कि वे AC मैकेनिक का कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और सामाजिक दायित्व के तहत स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनहित के मुद्दे उठाने पर पत्रकार और उसका परिवार सुरक्षित नहीं रहेगा, तो लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे।
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि संगठन पत्रकार सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है।
मामले की शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, राज्यपाल एवं IG बिलासपुर सहित विभिन्न उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।




Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.




