कम लागत, बड़ा बचाव — सड़क सुरक्षा को लेकर उठी आवाजगेवरा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है।
एन.सी.एच. हॉस्पिटल के सामने स्थित एक बिजली का खंभा किसी वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उसके आसपास बना चबूतरा भी टूटकर बिखर गया।
स्थानीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि सड़क किनारे बने ऐसे चबूतरे विशेषकर रात्रि के समय स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क किनारे मौजूद ऐसे स्थायी अवरोधों पर रिफ्लेक्टिव टेप (Radium Strips), कैट-आई (Road Studs), चेतावनी पट्टी या परावर्तक पेंट लगाया जाना चाहिए ताकि रात में वाहन चालक उन्हें दूर से पहचान सकें और समय रहते सावधानी बरत सकें।
कम लागत, बड़ा बचाव विशेषज्ञों और नागरिकों के अनुसार इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था पर अपेक्षाकृत कम खर्च आता है, लेकिन इससे रात के समय दृश्यता बढ़ती है और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सकती है।केवल मार्किंग नहीं, मरम्मत भी जरूरीतस्वीर में दिखाई दे रहा है कि पोल के आसपास बना ढांचा क्षतिग्रस्त हो चुका है और कुछ मलबा सड़क की ओर फैला हुआ है।

इस तस्वीर में एक उदाहरण के तौर पर यह दर्शाया गया है की अगर सड़क किनारे लगे पोल के इर्द गिर्द बने चबूतरे में अगर इस तरह रेडियम लगा दिया जायेगा तो सड़को पर चलना और भी सुरक्षित हो जायेगा।
ऐसी स्थिति में केवल रिफ्लेक्टिव मार्किंग पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि संबंधित प्रबंधन द्वारा मलबा हटाकर संरचना को सुरक्षित और व्यवस्थित करना भी आवश्यक माना जा रहा है।ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की जरूरतगेवरा क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क किनारे बने ऐसे ढांचे दृश्यता की कमी के कारण जोखिम पैदा करते हैं।
औद्योगिक और खनन क्षेत्रों में भारी वाहनों तथा दुपहिया वाहनों की अधिक आवाजाही को देखते हुए सड़क सुरक्षा उपायों की आवश्यकता और बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों ने सुझाव दिया है कि संबंधित विभाग पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा ऑडिट कर संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान करे और आवश्यक चेतावनी संकेत एवं रिफ्लेक्टिव व्यवस्था सुनिश्चित करे।
आपकी क्या राय है — क्या सड़क किनारे बने ऐसे चबूतरों पर रेडियम और रिफ्लेक्टिव मार्किंग अनिवार्य की जानी चाहिए?
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.




