नागीनझोरकी दीपका कोरबा छत्तीसगढ़
हाल ही में नागीनझोरकी नामक यह गांव तब अत्याधिक चर्चे में आया था। जब रानी साहू नामक बालिका की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। कत्ल करने वाला पकड़ा गया ऐसा पुलिस का दावा है। जो की ट्रक ड्राइवर था। जिसे जेल भी भेज दिया गया है। इस मामले पर अब न्यायालयिन प्रक्रिया चल रही है।

दरलसल नागीनझोरकी गांव में कुछ घरों में अवैध रूप से शराब बिक्री होता है। जिस वज़ह से शराबखोरी करने के लिए असमाजिक तत्वों का गांव में जमावड़ा लगा रहता है। दीपका क्षेत्र ओद्योगिक नगरी होने की वज़ह से ट्रक ड्राइवर अक्सर नजदीकी स्थानो पर शराब की खोज में पहुंचते हैं। लम्बे समय से नागिनझोरकी गांव में शराब की अवैध बिक्री चल रही थी।

मगर जब रानी साहू नामक बालिका के कत्ल का इल्जाम एक ट्रक ड्राइवर पर लगा जो गांव में शराब खोरी करने आया करता था। तब गांव वाले एकजुट होकर हत्या के जड़ शराब की अवैध बिक्री एवं असमाजिक तत्वों का गांव में प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाए जाने की ओर विचार किए ताकि भविष्य में अन्य कोई ग्राम वासी या उसका परिवार इस तरह के हादसे का शिकार ना हो।

इसलिए कारण क़ो हटाकर निवारण करने का ठाना गया। गांव वालों का यह मानना है की आज अगर एकजुट होकर गांव में अवैध शराब बिक्री एवं असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो कल क़ो यह हादसों क़ो एक तरह से न्योता होगा फिर कोई भी ऐरा गैरा गांव में आकर कुछ भी काण्ड करने चलता बनेगा। इसलिए समय रहते विरोध करना बेहद जरुरी है। क्योंकि अब पानी सर से ऊपर जा चूका है।

समय की नजाकत क़ो महसूस करते हुवे गांव के वार्ड पार्षद, श्यान, मितानिन सन बाई महंत, पार्षद सुजीत सिंह एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं व ग्रामवासियों के नेतृत्व में नागिनझोरकी ग्राम में सामाजिक बैठक आयोजित की गई। और रानी साहू मर्डर केस का हवाला देते हुवे उस घटना से सिख लेकर अवैध शराब बिक्री एवं असमाजिक तत्वों के गांव में प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाए जाने की बात रखी गई।
जिस हेतु प्रत्येक ग्रामीणों का इस दिशा में विचार रखने क़ो कहा गया। और सबने अपने अपने नेक विचार रखें अंततः सर्व सहमति से गांव की जागरूक महिलाओं क़ो मिलाकर नशामुक्ति समिति का गठन किया गया। जिनका कार्य इस दिशा में सक्रियता से काम करना होगा और जिन्हे गांव के प्रत्येक नागरिकों का सहयोग मिलेगा। उनके द्वारा लिया गया निर्णय सबको मानना होगा।
सामाजिक बैठक में यह निर्णय लिया गया की जो कोई भी गांव में अवैध रूप से शराब बेचेगा उसका विरोध किया जायेगा। कहा ना मानने पर उसको पुलिस के हवाले किया जायेगा। इसके साथ ही यह निर्णय लिया गया की जो शराब बेच रहे हैं वह शराब बेचना छोड़कर आसपास के उद्योगो में काम करना शुरू करें। जिसमे स्थानीय पार्षद, सामाजिक कार्यकर्त्ता व गांव के श्यान भी मदद करेंगे।
कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधीश कोरबा क़ो सम्बोधित करते हुवे ग्रामीणों नें पत्राचार भी किया है। जिसमे ग्रामीणों के द्वारा नशामुक्ति की दिशा में बढाए जा रहे कदम में हर तरह के प्रशासनिक सहयोग की अपील की गई है। फिर वह अवैध शराब विक्रेता के खिलाफ कार्यवाही करवाने की बात हो या असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही करवाए जाने की बात हो या पुलिस गस्ती बढ़ाने की बात हो। या अवैध शराब विक्रय का कार्य त्यागने वालों क़ो रोजगार से जोड़ने की बात हो।
जब कभी असामाजिक तत्वों की गांव में प्रवेशता होगी तो नशामुक्ति महिला समिति द्वारा खुले तौर पर इसका विरोध किया जायेगा जिसमे सर्व ग्रामीणों का सहयोग रहेगा। जिस समय पुलिस की सहायता भी ली जाएगी। ताकि गांव की शांति व्यवस्था बनी रहे।
वहीं वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल के नेतृत्व में समस्त नागिनझोरकी ग्राम वासियों नें शपथ ग्रहण किया की गांव में कोई शराब नहीं बनाएगा। ना अवैध रूप से कहीं से खरीदकर लाकर बेचेगा। इस मामले में नशामुक्ति समिति के द्वारा जो निर्णय लिया जायेगा वह सर्वमान्य होगा। समिति हर्जाना लगाने या कानूनी कार्यवाही करवाने हेतु स्वतंत्र है। आसपास के उद्योगो से भी नशामुक्ति कार्य में सहयोग करने के लिए ग्राम वासियों द्वारा अपील की गई है।
जिसके तहत जो लोग शराब विक्रय कार्य छोड़कर समाजहित में योगदान दे रहे हैं। उनको रोजगार दिए जाने हेतु नजदीकी उद्योगो से अपील की गई है। ताकि आर्थिक कमजोरी उन्हें इस तरह के कृत्य किए जाने हेतु पुनः विवश ना करे। साथ ही ग्रामवासियों द्वारा पुलिस गस्त बढ़ाने एवं चौक चौराहों पर सीसीटीवी लगाने की अपील की गई है।
गांव की एक युवती नें बतलाया की गांव में जो गणेश पंडाल बना हुआ है। उसमे गणेश उत्सव के समय बड़े धूमधाम से पूजा अर्चना की जाती है। मगर साल के अन्य दिनों में उस स्थान पर गांव के युवा व बाहर से आये असमाजिक तत्वो के द्वारा दिनदहाड़े शराबखोरी की जाती है। और गांव का माहौल ख़राब किया जाता है।
गांव के ही एक युवक नें बतलाया की जो लोग शराब बेचते हैं वह घर पर ना रहें तब भी असमाजिक प्रवृत्ति के लोग उनके घर क़ो शराबखोरी के लिए अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया करते हैं।
गांव में किराये के घर लेने वालों क़ो नजदीकी थाने में मुसाफिरा दर्ज करवाना होगा। अब किसी भी अनजान व्यक्ति क़ो बिना पुलिस वेरिफिकेशन के गांव में किराये के मकानों में नहीं रहने दिया जायेगा। अब तक जो भी चाहे बिना पुलिस वेरिफिकेशन के गांव में रह लेता था जिससे गांव का माहौल बाहरी व्यक्ति और भी ख़राब करता था। इस हादसे से सिख लेकर अब ग्रामीण बाहरी व्यक्तियों का बिना पुलिस वेरिफिकेशन के गांव में रूम किराये पर देना पूर्णतया वर्जित किए हैं।
जाने क़ो तो रानी साहू की आत्मा हत्या उपरांत गांव से दूसरे लोक चली गई। मगर जाते जाते गांव में बदलाव की नींव भी रखती गई। ईश्वर उसकी आत्मा क़ो शांति दे। और उसके हत्यारे क़ो शख्त से शख्त सजा दिलाये। ग्रामीणों नें मीडिया से रानी साहू के संदर्भ में अनर्गल बातें ना फैलाये जाने की अपील की है। जल्द ही नागीन झोरकी गांव में रानू साहू की आत्मा के शांति के लिए आध्यात्मिक कार्यक्रम करवाया जायेगा।
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

