अपनों से गद्दारी और फर्जीवाड़े का अंजाम भुगत रहे हैं साजिशकर्ता, जल्द होगा बड़ा कानूनी खुलासा
एक तरफ जहां खून के रिश्ते भरोसे की मिसाल होते हैं, वहीं संपत्ति के लालच में अपनों को ही मोहरा बनाकर बर्बाद करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता उदय चौधरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भू-माफियाओं और अपने सगे मँझले भाई सुधीर चौधरी द्वारा रची गई एक गहरी और घिनौनी साजिश का पर्दाफाश किया है।
उदय चौधरी ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य साजिशकर्ता सुशील तिवारी ने अपने सहयोगियों (अभिषेक सिंह, विकास दुबे, जितेश सिंह राजपूत और ज्योतिनंद दुबे) के साथ मिलकर उनके मँझले भाई सुधीर चौधरी को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया। इस गिरोह ने सुधीर चौधरी के जरिए उनकी वृद्ध मां को भ्रम में रखकर गलत तरीके से ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ और वसीयत तैयार करवाई। गलत तरिके से फर्द बंटवारा करवाए।

इतना ही नहीं, कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर मां की करोड़ों की जमीन को कौड़ियों के भाव अपने नाम रजिस्ट्री करवा लिया और बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे भी साफ कर दिए।
दबाव बनाने के लिए किया गया जानलेवा हमला और फर्जी FIR
उदय चौधरी ने बताया कि इस गिरोह का लालच यहीं नहीं रुका। बाकी बची जमीनों और मकान पर कब्जा करने की नीयत से उनके और उनके बीवी-बच्चों पर जानलेवा हमले करवाए गए। उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर झूठी एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई गई, जिसके कारण उन्हें जेल तक जाना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर फर्जी हस्ताक्षरों (जाली दस्तखत) के दम पर जमीन का फर्जी ‘फर्द बंटवारा’ भी करा लिया गया।
“दूसरों के लिए खोदे गए गड्ढे में खुद गिरा स्वार्थी इंसान“
उदय चौधरी ने कहा की “कोर्ट और कानून में नौटंकी या बकवास नहीं, बल्कि दस्तावेज और पक्के प्रमाण चलते हैं। हमारे पास इन सभी फर्जीवाड़ों के पुख्ता सबूत हैं। सुशील तिवारी और उसके गैंग ने भाई-भाई को लड़ाकर अपनी दुश्मनी साधी और मजे लिए। लेकिन अब पाप का घड़ा फूट चुका है। जो फ्रंट पर आकर फर्जीवाड़ा करेगा, उसका कानून के शिकंजे में फंसना तय है।
“कानूनी शिकंजे के डर से डिप्रेशन में मँझला भाई
साजिश का शिकार और खुद इस अपराध में भागीदार बने मँझले भाई सुधीर चौधरी की स्थिति पर बात करते हुए उदय चौधरी ने कहा कि जो शख्स अपनों के खिलाफ साजिश रच रहा था, आज वह खुद कानून के शिकंजे में कसता जा रहा है। परिस्थितियों और कोर्ट-कचहरी के डर का सामना न कर पाने के कारण सुधीर चौधरी दिन-रात शराब के नशे में धुत होकर दर-दर भटकने को मजबूर है।
उदय चौधरी ने अंत में कहा कि इंसान का लालच उसे कहीं का नहीं छोड़ता। इस पूरे मामले में लिप्त सभी दोषियों को सजा दिलाने और अपनी पैतृक संपत्ति को भू-माफियाओं से मुक्त कराने के लिए वे कानूनी लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ेंगे और जल्द ही इस पूरे गिरोह के चेहरे बेनकाब होंगे।
उदय चौधरी सामाजिक कार्यकर्ता
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

