कोरबा (पब्लिक फोरम)। भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) वेदांता में कार्यरत ठेका श्रमिकों के साथ गंभीर अन्याय का मामला सामने आया है। मूलनिवासी संघ बालको नगर के अध्यक्ष आकाश दिव्या ने कलेक्टर कोरबा को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन, G9 अहलूवालिया कंपनी और ठेकेदार मिलीभगत से श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से वंचित कर रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि ठेका श्रमिकों को सरकारी सर्कुलर के अनुसार 420 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी मिलनी चाहिए। लेकिन इसकी जगह श्रमिकों को मात्र 300 से 320 रुपये प्रतिदिन ही दिए जा रहे हैं। संगठन ने इसे श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन और श्रमिक विरोधी कदम बताते हुए इसकी कड़ी जांच की मांग कोरबा जिला कलेक्टर महोदय से किए है।
मूलनिवासी संघ के अध्यक्ष आकाश दिव्या ने कहा कि बालको वेदांता के प्रबंधक और G9 अहलूवालिया कंपनी तथा ठेकेदार आपस में मिलकर श्रम कानूनों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से अपील की है कि इस मामले में तत्काल जांच कराई जाए और श्रमिकों को उनका वाजिब हक दिलाया जाए।
संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो मूलनिवासी संघ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। श्रमिकों के अधिकारों के लिए संगठन किसी भी हद तक जा सकता है।
यह मामला औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के शोषण की ओर इशारा करता है। बड़ी कंपनियों में ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से श्रमिकों का शोषण एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे और श्रमिकों को उनके वाजिब अधिकार दिलाए।
अब देखना यह है कि कलेक्टर कार्यालय इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या श्रमिकों को न्याय मिल पाता है।
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

