दीपका नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत की मंशा क्या थी यह तो वही जानें, मगर यदि किसी संगठन में रहते हुए जनता के हित की बजाय जनता के अहित की योजना बनाई जाए, नोटिस भेजकर लोगों को डराया जाए और कथित रूप से पैसे उगाही का प्रयास हो, तो संगठन का मुखिया होने के नाते मौन रहना भी सवालों के घेरे में आता है।
जब दीपका के लगभग 14 परिवारों को घर एवं मंदिर तोड़ने की नोटिस जारी हुई, तब नगर पालिका अध्यक्ष का कहना था कि वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद द्वारा कलेक्टर को शिकायत की गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई के निर्देश मिले और सीएमओ द्वारा नोटिस जारी की गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना सीमांकन, बिना जांच और बिना वैधानिक पुष्टि के किसी परिवार को घर या मंदिर तोड़ने की नोटिस दी जा सकती है?
यदि कलेक्टर के नाम पर कार्रवाई हुई तो यह गंभीर प्रशासनिक विषय है, और यदि केवल जिम्मेदारी से बचने के लिए कलेक्टर का नाम लिया गया, तब भी यह उतना ही गंभीर मामला है। क्योंकि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा बिना सीमांकन के बेदखली की कार्रवाई करना अपने आप में सवाल खड़े करता है।

वार्ड पार्षद अविनाश सिंह राजपूत पर आरोप है कि उन्होंने लेटरपैड का उपयोग कर कथित झूठी शिकायत की, जिससे पद की गरिमा और संगठन की छवि प्रभावित हुई। वहीं बिना राजस्व विभाग, तहसीलदार, पटवारी, आरआई या एसडीएम की प्रक्रिया के सीधे घर व मंदिर तोड़ने की नोटिस जारी करना भी कई सवाल खड़े करता है।
टेलीफोनिक बातचीत में जब नगर पालिका अध्यक्ष से पूछा गया कि जिस भूमि पर मकान एवं मंदिर बने हैं क्या वह नगर पालिका की भूमि है, तब उनका जवाब था कि वह नगर पालिका क्षेत्राधिकार में आती है। मगर कोई भूमि सरकारी, निजी, वन विभाग या अन्य विभाग की है — इसकी पुष्टि सीमांकन प्रक्रिया से ही हो सकती है। बिना सीमांकन आखिर बेदखली की नोटिस कैसे जारी की गई?

गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले स्वयं नगर पालिका दीपका उसी स्थान पर निर्माण कार्य करवाना चाहती थी, जिसके लिए वन विभाग से NOC मांगी गई थी। वन विभाग से अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य नहीं हो सका, जबकि टेंडर तक जारी हो चुका था।
⚖️ अब जनता पूछ रही है —
बिना जांच और बिना सीमांकन आखिर किस आधार पर 14 परिवारों को नोटिस भेजी गई?
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.




