कोरबा, छत्तीसगढ़ | दिनांक: 23 अप्रैल 2026
कोरबा जिले के SECL गेवरा क्षेत्र में SJR Shashank Mining कंपनी के ठेके पर कार्यरत ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर प्रशासन और प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए 7 मई 2026 तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है।
ड्राइवरों ने कलेक्टर, कोरबा एवं SECL गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक को संबोधित ज्ञापन में वेतन भुगतान में देरी, गेट पास जारी न होने तथा कम दर पर भुगतान जैसी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

उनका कहना है कि इन समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक और कार्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में ड्राइवरों द्वारा निम्न प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
प्रत्येक माह की 10 तारीख तक नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
SJR Shashank Mining कंपनी के सभी प्रभावित ड्राइवरों को तत्काल गेट पास जारी किया जाए।
HPC दरों के अनुसार उचित वेतन दिया जाए, वर्तमान भुगतान दरें अत्यंत कम हैं।
बिना कारण कार्य से हटाए गए 26 ड्राइवरों को तत्काल पुनः कार्य पर लिया जाए तथा आवश्यक होने पर PNC कंपनी में समायोजन किया जाए।
सभी ड्राइवरों को पारदर्शिता हेतु पेमेंट शीट उपलब्ध कराई जाए।

ड्राइवरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 मई 2026 तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उसी दिन से SECL गेवरा क्षेत्र में PNC कंपनी का संपूर्ण कार्य बंद कर देंगे और मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव करेंगे।
इस दौरान छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने ड्राइवरों के समर्थन में प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन से त्वरित समाधान की मांग करते हुए कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर समय उनके साथ खड़ा रहेगा।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला पुलिस अधीक्षक, श्रम विभाग, अनुविभागीय अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
यह घटनाक्रम कोरबा के कोयला खदान क्षेत्र में ठेकेदार कंपनियों द्वारा मजदूरों के साथ हो रहे कथित अन्याय को उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन एवं SECL प्रबंधन से अब अपेक्षा की जा रही है कि वे समय रहते उचित कदम उठाकर संभावित आंदोलन को टालें।
Uday Kumar serves as the Editor of Nawa Chhattisgarh, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

